भ्रष्टाचार के मुद्दे पर नाकाम झारखंड सरकार
· एक के बाद एक झारखंड में सामने आ रही
भ्रष्टाचार की घटनाओं के बीच झारखण्ड की सोरेन सरकार का सवालों के कटघरे में आना
लाज़मी है| बेलगाम अफसरशाही तो झारखंड में आम थी
ही, अब आए दिन उजागर हो रहे घोटालों ने
प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है|
· उसके बाद भी सोरेन बाबू बड़ी बेशर्मी के
साथ चुनाव प्रचार के दौरान ख़ुद अपनी पीठ थपथपाते नज़र आ रहे हैं| अरे सरकार! अब तो मान लीजिये कि झारखण्ड की
सत्ता की बागडोर आपसे नहीं संभल रही| इन घटनाओं पर सरकार की चुप्पी ये बताती है कि ये सब सरकार की शह पर
ही हो रहा है और किसी न किसी रूप में इसमें सरकार की प्रत्यक्ष संलिप्तता भी है| वो कहते हैं न कि
जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक्काम कर देंगे
कमीशन दो तो सारे हिन्दुस्तान को नीलाम कर देंगे
सदन को घूस देकर बच गयी कुर्सी तो देखोगे
अगली योजना में घूसखोरी आम कर देंगे
सोरेन बाबू के अटूट मौन के बीच झारखण्ड में
भ्रष्टाचार की घटनाएं
· सोरेन बाबू के मार्गदर्शन में झारखण्ड
में मंत्रियों ने आम जनता की खून पसीने की कमाई को इतना लूटा कि न केवल मंत्री जी, बल्कि उनके निजी सचिव का नौकर भी करोड़पति हो
गया| गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने हाल
ही में सोरेन सरकार के ग्राम विकास मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के
नौकर के घर छापा मारा था जिसमे लगभग 35 करोड़ की नगदी बरामद हुई है|
· इतना ही नहीं झारखण्ड सरकार की
भ्रष्टाचार की महत्वाकांक्षा ने झारखंड के पहाड़ और ज़मीनों को भी नहीं छोड़ा| मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक झारखंड में
माइनिंग लीज़ का अवैध आवंटन कर 1200 करोड़ से अधिक रूपये कमाए हैं| इसके अलावा कोल लिंकेज स्कीम, माइनिंग स्कैम जैसे और कई सारे घोटाले मौजूदा
झारखण्ड सरकार की तरकश के तीर हैं| ये
पैसे किसकी जेब में गये होंगे, ये
बताने की ज़रुरत नहीं है|
· खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी
भ्रष्टाचार की चिंगारी से खुद को जलने से बचा नहीं पाए| झारखंड में हुए माइनिंग और ज़मीन घोटाले में खुद
हमारे मुख्यमंत्री जी भी 96 दिनों की जेल यात्रा कर के आए हैं|
अधिकारी भी चल रहे मंत्रियों के नक़्शेकदम
पर
· भ्रष्टाचार के नित नये कीर्तिमान
स्थापित कर रही झारखंड की मौजूदा सरकार के अफसर भी उन्हीं मंत्रियों के नक़्शे कदम
पर ही चलते नज़र आ रहे हैं| करीब
दो साल पहले 7 मई 2022 को आइएएस पूजा सिंघल के एक करीबी चार्टर्ड एकाउंटेंट के
बिस्तर के नीचे से 17 करोड़ रूपये बरामद हुए थे| एक ओर जहाँ झारखण्ड की सरकार ने जनता दो वक़्त
की रोटी के लिए तरसा दिया है लेकिन दूसरी ओर इनके अधिकारी, यहाँ तक कि अधिकारियों के करीबी भी पैसों की
शैया पे सोते हैं|
· पिछले साल फ़रवरी 2023 में झारखण्ड
सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजिनियर वीरेन्द्र राम के करीब दो दर्जन
ठिकानों पर ईडी ने छापे मारे थे| जहाँ
से इडी को डेढ़ करोड़ के ज़ेवर समेत कुल 20 करोड़ रुपयों की संपत्ति के कागज़ मिले थे| बताते चले कि इंजीनियर साहब अभी भी जेल प्रवास
पर गये हुए हैं|
साल 2019 में भी इन पर आय से अधिक
संपत्ति का मामला संज्ञान में आया था|
मुर्दे भी खा रहे सरकारी राशन
· रामगढ़ ज़िले से एक अजीबोगरीब घटना फ़रवरी
में सामने आई|
ज़िले में 1200 लोग ऐसे हैं जो अब जीवित
नहीं हैं लेकिन उनके नाम पर राशन लगातार आवंटित हो रहा है| इसमें से कुछ लोग ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हुए दस
साल से ज्यादा हो गये|
· झारखंड में खुलेआम हो रहे भ्रष्टाचार
और उस पर सरकार की ख़ामोशी से साफ ज़ाहिर है कि सोरेन बाबू भ्रष्टाचार के इस खेल के
महज़ दर्शक ही नहीं खिलाड़ी भी है|
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