आज के पावन पर्व पर कार्तिक मां साहूकार मास की पवित्र देवस्थान एकादशी जिसमें श्री ठाकुर जी का तुलसी महारानी के साथ विवाह हुआ उसे पवित्र विवाह महोत्सव में हम सब इस बालक के मन में बैठकर के इस दिव्य उत्सव महोत्सव को मना रहे हैं निश्चित ही यह प्रमाण है अभी हम श्री अशोक चौहान जी के घर पर गए तो मन को बड़ी प्रसन्नता हुई चारों वेद 18 पुराण 6 शास्त्र सब वहां पर विराजित हैं और उससे भी दिव्य दर्शन और सुख संध्या के समय हुआ जब हम घर की छत पर जाकर के श्री तुलसी महारानी का दर्शन किया दिव्या सूक्ष्म ही सही सकता नहीं है आध्यात्मिक जगत में चित्र में भाव की दिव्यता की बात है और उसे दिव्यता का दर्शन हमें आपके घर जाकर के हुआ और हम प्रार्थना करते हैं अभी आने वाली अनेक पीढ़ी अपर का निर्वाह करते रहे श्री ठाकुर जी सदा ही इस रूप में आपके घर जाकर में विराजमान रहे श्राप की परं राधे राधे बरसाने वाली राधे बरसाने कोपरा जो आपने भक्ति का बीजारोपण इस परिवार में सज्जन में बालकों की छोटी-छोटी इतना सुंदर श्लोक तुलसी जी का गायन कर रहे थे मन में एडीबी हट आनंद तो हम एक लोटा जल देकर के सिंचन करते रहना जल से भाव जिस प्रकार उनके जीवन पद्धति है उसी प्रकार धर्म शास्त्रों का शासन मनन सेवा करते हुए श्री ठाकुर जी का सेवन करते हुए इन कि परंपरा को आगे अनेक वीडियो तक ले जाना है प्रार्थना करते हैं इसी प्रकार सदा सदा आपके घर आंगन में क्रिया अपनी संत से तुलसी महारानी ऐसे ही अखंड रूप से विराजमान रहे आप पर उनकी कृपा बनी रहे लिए अब जिन पवित्र फलों में हम पहुंच गए हैं वह केवल हरिराम संकीर्तन के लिए निश्चित हुआ अभी हम यहां आने से पहले ऊपर रूम में श्री विजय कौशल जी महाराज को श्रवण कर रहे थे तो हमने बड़ा सुंदर तुलसी का महत्व है आज तो तुलसी के बाद में कुछ श्रवण कर रहे थे तो वह बता रहे थे कि एक बार ठाकुर जी से किसी भक्त ने पूछा कि सरकार आप बिना तुलसी के भोग नहीं लगते भोजन नहीं करते कहां हम भोजन नहीं करते जब तक तुलसी नाम की ठाकुर जी के भोग में तुलसी नहीं बढ़ाई जाती है स्वामी जी की स्वामी हरिदास जी की परंपरा में क्योंकि हमारे निकुंज में स्थित तुलसी की सखी भाव में विराजे हैं सेवा में रहती है लेकिन भोग में नहीं जाती है लेकिन वैसे वैष्णव परंपरा के अनुसार बिना तुलसी के भोग नहीं लगता है आप सब जानते हैं तुलसी के गहन नहीं करते तो भजन किसके बिना ग्रहण नहीं करते का जिस प्रकार हम भजन तुलसी के बिना ग्रहण नहीं करते तुलसी दल के बिना ग्रहण नहीं करते हैं ऐसे ही हम भजन तुलसीदास जी की जागरण नहीं करते आपको बड़ा आनंद है कि आपके घर आंगन में ऋषियों की संतों की वाणी का पाठ होता है तुलसीदास जी की चौपाटी है निश्चित ही आपकी क्रिया को अनंत मंगल का भाव के साथ लिए श्री वृंदावन की ओर बने गुरुदेव नमो नमो जय श्री वृंदावन रबर सत्य भर गोरी जयपुर नमो नमो श्री कुंज बिहारी ने नमो नमः प्रीत किशोरी नमो नमः जय श्री हरिदासी नमो नमः की जोड़ी ध्यान भुलाम गुरु मूर्ति पूजा पूनम गुरु पदम मंत्र मुलायम गुरु वाक्यम मोक्ष मलम गुरु कृपा भक्त भक्त भगवान शिव चतुर नाम बापू है श्री भगवान की तस्वीर बंधन किया हे करुणामई कृपा में मेरी दया में राधे दया की जाके कृपा श्री राधे कृपा मैं तेरी दया बैसाखी मेरी करुणावाही शाह मेरी कृपा कृपा राधे राधे हे कृपा में हरवा में मेरी जान मेरी राधे राधे राधे राधे राधे राधे कृपा जय राधे जय राधे राधे जय राधे जय श्री राधे गोरा की लीला प्रभु सीता भूषण ज्योति अलादीन सॉन्ग की शादी के बिहारी कृपा बिहार लड़की झुके चरणों सुखदाई निराला है प्रीतम भारत के बच्चों के गाड़ी यही शरण हम बहुत बन चुके दही चीजों कृपा बनी कृपा है मेरी दया नहीं राधे खाटू श्याम हरे कृपा मेरी राधे मेरी दया बिरहा एक बार का तीन बार जाकर त्रिवेणी मेला आओगे चार बार चित्रकूट दोनों बारिश में बड़ी बड़ी जाके बद्रीनाथ भुज या कब जाओगे छोटी बड़ी आशिकी जहां जाओगे होंगे प्रत्यक्षण यहां दर्शन श्याम श्याम के वृंदावन साथ कहेंगे पाओगे राधे राधे है मेरी शहबा करो द कृपा श्री राधे राधे राधे लाडली करुणा की कुरकुरे कर दो करुणा की कर की ओर कर दो बरसाने वाली बरसाने वाली चुनौती छोड़ कर दो बरसाने वाली राधे बरसाने वाली राधे बरसाने वाली हो बरसाने वाली श्याम हमारी शादी विवाह दुनिया के दरबार में किसी भी दरबार में जो कुछ भी मांगना लेकिन हमारी श्रीजी के दरबार में जाओ तो वह बिल्कुल मत मांगना जो हर जगह से आपको मिल सके हम लोग कई बार अनजाने में अज्ञानता में श्रीजी से भी वही मांगते हैं जो हर जगह मिल सकता है लेकिन लाडली जी से क्या मांगना चाहिए किशोरी जी से क्या मांगना है अगर हम धन दौलत की मांग करें तो वह तो हमें अपने प्रारब्ध से भी मिल सकता अगर हमारे भाग्य में तो मिलेगा मिले मान प्रतिष्ठा सुक्तम पट्टी वैभव ऐश्वर्य सब कुछ मिल सकता है श्रीजी के दरबार में कुछ कहीं और नहीं मिलेगा दरबार में 3GP करुणा भरी एक नजर मांगनी चाहिए की दरबार में जाकर के श्री कृष्ण धाम के वास की मां करनी चाहिए यह तीनों वस्तु आपको आपके भाग्य से नहीं मिले तीनों वस्तु आपको आपके साधन से नहीं मिले यह तीनों वस्तु आपको आपके किसी प्रयास से नहीं मिलेगी यह तीनों वस्तु आपको केवल श्रीजी की कृपा से मिले इसलिए हमें कुछ और नहीं सिर्फ इतना ही कहना क्या मांग रहा है करुणा की पूरी कथा बरस आने वाली कर दो परेशानी वाली राधे बरसाने वाली राधे बरसाने वाली हो बरसाने वाली राधे वृंदावन बिहारी बरसाने वाली राधे वृंदावन राधे राधे गोविंद राधे राधे बरसाने वाली देख लो बस एक नजर में बोलो परेशान परदेसी सदा तेरी आए हुए हैं भरोसा सताए हुए हैं भरोसा करो परेशान कैसा सुंदर बनाए हुए दिल बनाए हो ना हमको समझ के गाना हमको तुम्हारे बनाए हुए हैं अपनी भक्ति में हमको भी शामिल न हो अपनी बावड़ी अपनी भक्ति में हम को भी शामिल है झुकाए हम भी कर को झुकाए बस एक नजर देख लो बस एक नजर में खिलौने बरसात देखना चाहते हो
आज के पावन पर्व पर कार्तिक मां साहूकार मास की पवित्र देवस्थान एकादशी जिसमें श्री ठाकुर जी का तुलसी महारानी के साथ विवाह हुआ उसे पवित्र विवाह महोत्सव में हम सब इस बालक के मन में बैठकर के इस दिव्य उत्सव महोत्सव को मना रहे हैं निश्चित ही यह प्रमाण है अभी हम श्री अशोक चौहान जी के घर पर गए तो मन को बड़ी प्रसन्नता हुई चारों वेद 18 पुराण 6 शास्त्र सब वहां पर विराजित हैं और उससे भी दिव्य दर्शन और सुख संध्या के समय हुआ जब हम घर की छत पर जाकर के श्री तुलसी महारानी का दर्शन किया दिव्या सूक्ष्म ही सही सकता नहीं है आध्यात्मिक जगत में चित्र में भाव की दिव्यता की बात है और उसे दिव्यता का दर्शन हमें आपके घर जाकर के हुआ और हम प्रार्थना करते हैं अभी आने वाली अनेक पीढ़ी अपर का निर्वाह करते रहे श्री ठाकुर जी सदा ही इस रूप में आपके घर जाकर में विराजमान रहे श्राप की परं राधे राधे बरसाने वाली राधे बरसाने कोपरा जो आपने भक्ति का बीजारोपण इस परिवार में सज्जन में बालकों की छोटी-छोटी इतना सुंदर श्लोक तुलसी जी का गायन कर रहे थे मन में एडीबी हट आनंद तो हम एक लोटा जल देकर के सिंचन करते रहना जल से भाव जिस प्रकार उनके जीवन पद्धति है उसी प्रकार धर्म शास्त्रों का शासन मनन सेवा करते हुए श्री ठाकुर जी का सेवन करते हुए इन कि परंपरा को आगे अनेक वीडियो तक ले जाना है प्रार्थना करते हैं इसी प्रकार सदा सदा आपके घर आंगन में क्रिया अपनी संत से तुलसी महारानी ऐसे ही अखंड रूप से विराजमान रहे आप पर उनकी कृपा बनी रहे लिए अब जिन पवित्र फलों में हम पहुंच गए हैं वह केवल हरिराम संकीर्तन के लिए निश्चित हुआ अभी हम यहां आने से पहले ऊपर रूम में श्री विजय कौशल जी महाराज को श्रवण कर रहे थे तो हमने बड़ा सुंदर तुलसी का महत्व है आज तो तुलसी के बाद में कुछ श्रवण कर रहे थे तो वह बता रहे थे कि एक बार ठाकुर जी से किसी भक्त ने पूछा कि सरकार आप बिना तुलसी के भोग नहीं लगते भोजन नहीं करते कहां हम भोजन नहीं करते जब तक तुलसी नाम की ठाकुर जी के भोग में तुलसी नहीं बढ़ाई जाती है स्वामी जी की स्वामी हरिदास जी की परंपरा में क्योंकि हमारे निकुंज में स्थित तुलसी की सखी भाव में विराजे हैं सेवा में रहती है लेकिन भोग में नहीं जाती है लेकिन वैसे वैष्णव परंपरा के अनुसार बिना तुलसी के भोग नहीं लगता है आप सब जानते हैं तुलसी के गहन नहीं करते तो भजन किसके बिना ग्रहण नहीं करते का जिस प्रकार हम भजन तुलसी के बिना ग्रहण नहीं करते तुलसी दल के बिना ग्रहण नहीं करते हैं ऐसे ही हम भजन तुलसीदास जी की जागरण नहीं करते आपको बड़ा आनंद है कि आपके घर आंगन में ऋषियों की संतों की वाणी का पाठ होता है तुलसीदास जी की चौपाटी है निश्चित ही आपकी क्रिया को अनंत मंगल का भाव के साथ लिए श्री वृंदावन की ओर बने गुरुदेव नमो नमो जय श्री वृंदावन रबर सत्य भर गोरी जयपुर नमो नमो श्री कुंज बिहारी ने नमो नमः प्रीत किशोरी नमो नमः जय श्री हरिदासी नमो नमः की जोड़ी ध्यान भुलाम गुरु मूर्ति पूजा पूनम गुरु पदम मंत्र मुलायम गुरु वाक्यम मोक्ष मलम गुरु कृपा भक्त भक्त भगवान शिव चतुर नाम बापू है श्री भगवान की तस्वीर बंधन किया हे करुणामई कृपा में मेरी दया में राधे दया की जाके कृपा श्री राधे कृपा मैं तेरी दया बैसाखी मेरी करुणावाही शाह मेरी कृपा कृपा राधे राधे हे कृपा में हरवा में मेरी जान मेरी राधे राधे राधे राधे राधे राधे कृपा जय राधे जय राधे राधे जय राधे जय श्री राधे गोरा की लीला प्रभु सीता भूषण ज्योति अलादीन सॉन्ग की शादी के बिहारी कृपा बिहार लड़की झुके चरणों सुखदाई निराला है प्रीतम भारत के बच्चों के गाड़ी यही शरण हम बहुत बन चुके दही चीजों कृपा बनी कृपा है मेरी दया नहीं राधे खाटू श्याम हरे कृपा मेरी राधे मेरी दया बिरहा एक बार का तीन बार जाकर त्रिवेणी मेला आओगे चार बार चित्रकूट दोनों बारिश में बड़ी बड़ी जाके बद्रीनाथ भुज या कब जाओगे छोटी बड़ी आशिकी जहां जाओगे होंगे प्रत्यक्षण यहां दर्शन श्याम श्याम के वृंदावन साथ कहेंगे पाओगे राधे राधे है मेरी शहबा करो द कृपा श्री राधे राधे राधे लाडली करुणा की कुरकुरे कर दो करुणा की कर की ओर कर दो बरसाने वाली बरसाने वाली चुनौती छोड़ कर दो बरसाने वाली राधे बरसाने वाली राधे बरसाने वाली हो बरसाने वाली श्याम हमारी शादी विवाह दुनिया के दरबार में किसी भी दरबार में जो कुछ भी मांगना लेकिन हमारी श्रीजी के दरबार में जाओ तो वह बिल्कुल मत मांगना जो हर जगह से आपको मिल सके हम लोग कई बार अनजाने में अज्ञानता में श्रीजी से भी वही मांगते हैं जो हर जगह मिल सकता है लेकिन लाडली जी से क्या मांगना चाहिए किशोरी जी से क्या मांगना है अगर हम धन दौलत की मांग करें तो वह तो हमें अपने प्रारब्ध से भी मिल सकता अगर हमारे भाग्य में तो मिलेगा मिले मान प्रतिष्ठा सुक्तम पट्टी वैभव ऐश्वर्य सब कुछ मिल सकता है श्रीजी के दरबार में कुछ कहीं और नहीं मिलेगा दरबार में 3GP करुणा भरी एक नजर मांगनी चाहिए की दरबार में जाकर के श्री कृष्ण धाम के वास की मां करनी चाहिए यह तीनों वस्तु आपको आपके भाग्य से नहीं मिले तीनों वस्तु आपको आपके साधन से नहीं मिले यह तीनों वस्तु आपको आपके किसी प्रयास से नहीं मिलेगी यह तीनों वस्तु आपको केवल श्रीजी की कृपा से मिले इसलिए हमें कुछ और नहीं सिर्फ इतना ही कहना क्या मांग रहा है करुणा की पूरी कथा बरस आने वाली कर दो परेशानी वाली राधे बरसाने वाली राधे बरसाने वाली हो बरसाने वाली राधे वृंदावन बिहारी बरसाने वाली राधे वृंदावन राधे राधे गोविंद राधे राधे बरसाने वाली देख लो बस एक नजर में बोलो परेशान परदेसी सदा तेरी आए हुए हैं भरोसा सताए हुए हैं भरोसा करो परेशान कैसा सुंदर बनाए हुए दिल बनाए हो ना हमको समझ के गाना हमको तुम्हारे बनाए हुए हैं अपनी भक्ति में हमको भी शामिल न हो अपनी बावड़ी अपनी भक्ति में हम को भी शामिल है झुकाए हम भी कर को झुकाए बस एक नजर देख लो बस एक नजर में खिलौने बरसात देखना चाहते हो

Comments
Post a Comment
I have a doubt please let me check